C++ Programming In Hindi:-

c ++ programming language के hindi tutorial में आप का स्वागत है | :-

C++ programming सीखें आसान Hindi भाषा में |

दोस्तो आज के पाठ में मैं आपको एक साधारण C++ Program लिखकर दिखाने वाला हूं इस Program की मदद से आप यह समझ पाएंगे कि C++ Program को किस प्रकार से लिखा जाता है मतलब कि C++ Program का Structure (ढांचा) कैसा है यह आप आज के पाठ से समझ जाएंगे |

 

C++ Program Structure:-

 

#include <iostream>

using namespace std;

int main() {

   cout << "Hello World";

   return 0;

}

आइए हम उपरोक्त Program के विभिन्न हिस्सों को विस्तार से समझते हैं :-

#include <iostream> :- यह C++ प्रोग्राम का header है जिसे हमें सभी C++ Program के शुरुआत में जोड़ना होता है | Header में कई प्रकार की आवश्यक और उपयोगी जानकारियां संग्रहित होती है जिनका उपयोग C++ प्रोग्राम में होता है |

C++ Programming में और भी कई प्रकार के header होते हैं जिनके बारे में हम बाद में पढ़ेंगे अभी बस आप इतना समझ लीजिए कि जब भी आप C++ Program लिखेंगे आपको सबसे पहले #include <iostream> इस Header को अपने Code में जोड़ना होगा| अगर आप इस Header को अपने Code में नहीं जोड़ते हैं तो आपका प्रोग्राम गलत हो जाएगा |

using namespace std; :- C++ Program में हमें Header फाइल को जोड़ने के बाद दूसरे लाइन में using namespace std; लिखना होता है|

using namespace std; इस लाइन को लिखकर हम C++ Compiler को यह बताते हैं कि हमें std namespace को अपने प्रोग्राम में जोड़ना है std namespace के अंदर पहले से बनाए हुए बहुत सारे Library routines जमा होते हैं जिनका उपयोग हम सी प्लस प्लस प्रोग्राम में करते हैं वह Library routines कौनसे है जो std namespace के अंदर जमा होते हैं उन्हें हम बाद में विस्तार से जानेंगे अभी बस आप इतना समझ लीजिए कि जब भी C++ Program लिखेंगे आप को using namespace std; को भी अपने प्रोग्राम के साथ जरूर लिखना है |

int main() :- int main() मुख्य फ़ंक्शन है, जहां प्रोग्राम execution प्रारंभ होता है |

C++ Program के Code का Execution main Function के साथ शुरू होता है और main function के अंदर ही सामान्यतः सभी Code लिखे जाते हैं मतलब की Program के अंदर हमें जो कुछ भी code लिखना है उसे हम इस main function के अंदर लिखते हैं |

अभी आप इतना समझ सकते हैं कि जब भी हमें किस कोई C++ Program लिखना होता है तब हमें इस main function को उस Program की शुरुआत में लिखना जरुरी होता है |

cout << “Hello World”; :- C++ Program में अगर हमें किसी Message को Output Screen पर दिखाना होता है तो इस काम के लिए हम cout का उपयोग करते हैं|

जैसा कि आप उदाहरण में देख सकते हैं हमने cout के साथ Hello World लिखा है मतलब कि जब यह प्रोग्राम चलेगा तो आउटपुट स्क्रीन में Hello World लिखा हुआ दिखाई देगा |इस Hello World message का output Screen पर दिखाई देने का कारण यह cout ही है | अगर आप Hello World के जगह अपना नाम लिख दें तो आपका नाम output Screen पर दिखाई देगा |

return 0; :- return 0 main function को समाप्त करता है | मतलब कि जब Compiler C++ Program के Source Code को Execute करता है तब Returns 0 instruction से Compiler यह समझ जाता है कि यहां C++ Program खत्म हो रहा है |

Semicolons ( ; ) :- ऊपर हमने जिस C++ program का उदाहरण दिया है उसमें आप देख सकते हैं कि हमने 3 बार Semicolons (;) चिन्ह का उपयोग किया है | using namespace std; के साथ हमने Semicolons (;) चिन्ह का उपयोग किया है | इसके बाद cout << “Hello World”; के साथ हमने Semicolons (;) चिन्ह का उपयोग किया है | इसके बाद return 0; के साथ हमने Semicolons (;) चिन्ह का उपयोग किया है |

किस line के अंत में Semicolons (;) चिन्ह का उपयोग करना है और किस लाइन के अंत में Semicolons (;)चिन्ह का उपयोग नहीं करना है इसके बारे में मैं आपको एक पाठ में विस्तार से बताऊंगा अभी बस आप इतना समझ लीजिए कि ऊपर लिखे तीनों लाइनों के अंत में आपको Semicolons चिन्ह का उपयोग करना जरूरी है |

Blocks { } :- ऊपर के उदाहरण में आप देख सकते हैं कि हमने int main() फंक्शन के बाद एक curly braces { के ब्लॉक को शुरू किया है जिसे हमने return 0; के बाद बंद किया है आप जितने भी C ++ के Program लिखेंगे उनमे में आपको int main() के बाद एक curly braces { के ब्लॉक को शुरू करना ही पड़ेगा और अंत में उस curly braces } को बंद करना पड़ेगा यह C ++ प्रोग्राम लिखने का एक नियम है |

 

 

दोस्तों आज के पाठ में आपने C++ प्रोग्रामिंग के basic Structure (संरचना) को समझा और C++ Programming में उपयोग किए जाने वाले साधारण शब्दों का मतलब समझा | लेकिन दोस्तो आज आपने C++ के जिस संरचना को जाना है वह एक साधारण संरचना है जो कि अलग-अलग परिस्थिति में बदल भी सकता है |

दोस्तों ऐसा हो सकता है कि ऊपर C++ Programming से संबंधित जो व्याख्याएं लिखी गई है उन्हें समझने में आपको समस्त कुछ समस्या हो रही हो इससे आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है आप धीरे-धीरे इन चीजों को समझने लगेंगे |

आगे अगले पाठ में हम यह जानेंगे कि हम किस प्रकार से किसी C++ Program को चला कर Output प्राप्त कर सकते हैं |

Next:- First C++ Program In Hindi